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शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया में विज्ञान मेला का सफल आयोजन

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया में आज विज्ञान मेला का उत्साह पूर्वक आयोजन प्रधान पाठक डॉ उमेश कुमार दुबे के सफल निर्देशन में आयोजित किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अपनी प्रतिभा और नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन विज्ञान प्रभारी टीकाराम गोपालन के मार्गदर्शन में उत्साह पूर्वक भाग लेकर किए।विज्ञान मेले में बच्चों ने सूक्ष्मदर्शी की सहायता से स्लाइड का अवलोकन किया,अम्ल एवं क्षार से जुड़े प्रयोग किए,सुचालक एवं कुचालक पदार्थ की पहचान की,पदार्थों का वर्गीकरण एवं पृथक्करण के विभिन्न विधियों को समझा,चुंबकीय एवं अचुंबकीय पदार्थों का परीक्षण किया,चुंबको से मनोरंजन,तापमापी का प्रयोग किया तथा विज्ञान उपकरणों की कार्यप्रणाली,अंध विश्वास का प्रदर्शन किया। 

शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में विकासखंड बम्हनीडीह के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया में विज्ञान मेला में अनूठी पहल देखने को मिली।विद्यार्थियों ने मिट्टी से सुंदर और आकर्षक खिलौने बनाकर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति से मिट्टी के खिलौने सोफ़ा,गैस चूल्हा, मटका,कूलर की आकृतियां और अन्य कलात्मक वस्तुएं तैयार की तो बच्चों के कल्पनाशक्ति ने रंग बिरंगे आकारों के रूप में जीवंत रूप ले लिया।जिसे देखकर उपस्थित लोग भी आश्चर्यचकित रह गए। विद्यालय के शिक्षक पितांबर प्रसाद कश्यप ने बताया कि इस गतिविधि का विज्ञान मेला में उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच एकाग्रता आत्मविश्वास और हस्त कौशल का विकास करना है उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर देती है और उन्हें व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करती है।इस आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक पितांबर प्रसाद कश्यप,टीकाराम गोपालन, एकादशियां मांझी,कौशल यादव,संतोष चंद्रा,अशोक जांगड़े के महत्वपूर्ण भूमिका रही।     कार्यक्रम को देखने पहुंचे अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के प्रतिभा की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल बताया। प्रधान पाठक डॉ उमेश कुमार दुबे के मार्गदर्शन में विद्यालय में लगातार नवाचार आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही है जिससे बच्चों में सीखने की प्रति उत्साह बढ़ रहा है और शिक्षा को आनंददायक बनाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

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