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संपत्ति सब रघुपति कै आही -राजेश्री महन्त जी

रविवारीय राम कथा का आयोजन हुआ शिवरीनारायण मठ में

श्री शिवरीनारायण मठ में मई माह के दूसरे रविवार को रविवारीय राम कथा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:00 बजे भगवान रघुनाथ जी के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करके श्री रामायण जी की आरती के साथ हुआ। क्षेत्र के अनेक गांवों तथा नगरीय क्षेत्र से आए हुए मानस वक्ताओं ने श्री रामचरितमानस की कथा श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष दोनों सम्मिलित हुए। श्रोताओं को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि श्री रामचरितमानस में लिखा है कि – संपत्ति सब रघुपति कै आही। जौ बिनु जतन चलौं तजि ताही।। अर्थात संसार की समस्त संपत्ति भगवान रघुनाथ जी की है, इसकी उचित सुरक्षा करना ही सेवक का धर्म है। उन्होंने राम राज्य की संकल्पना की भी विस्तार पूर्वक व्याख्या प्रस्तुत किया। राज्य गौ सेवा आयोग के वर्तमान अध्यक्ष विशेषर पटेल ने कहा कि – पुण्य पुंज बिनु मिलहिं न संता। अर्थात संतों का मिलन ही हमारे संचित पुण्य का प्रतीक है। संतों का मिलन संसार के आवागमन से मुक्ति दिला देती है उन्होंने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि – मेरी नौकरी नहीं लग रही थी तब मैंने श्रीरामचरितमानस का पाठ किया और मेरी नौकरी लग गई थी, पूरा पाठ करने में 22 घंटा लगा था मैं लेक्चरर बना, शिक्षा जगत में सेवा का अवसर मिला दूर दराज के अनेक गांवों से आए हुए मानस वक्ताओं एवं भागवत के प्रवक्ताओं ने भी श्रोता समूह को संबोधित किया। ग्राम कैथा से आए हुए कश्यप जी ने संगीत के माध्यम से मधुर भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विशेष रूप से भागवत प्रवक्ता नवीन शर्मा, शिवकुमार द्विवेदी, बिहारी लाल भारद्वाज आदि ने श्रोताओं को संबोधित करके श्री रामचरितमानस की कथा का रसपान कराया। कार्यक्रम के आयोजक निरंजन लाल अग्रवाल, योगेश शर्मा, त्यागी जी महाराज, सुखराम दास जी, देवेंद्र खापरे, फिरत राम पटेल, बद्री राम पटेल, भागवत केसरवानी, रवि शंकर यादव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि शिवरीनारायण मठ में प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को रविवारीय राम कथा का आयोजन होता है जिसमें ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र से आए हुए श्रोता एवं वक्तागण काफी संख्या में उपस्थित होते हैं।

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