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तिरंगा भारत का राष्ट्रीय झंडा है:उमेश दुबे            

विकासखंड बम्हनीडीह,संकुल सेमरिया शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया में चार कालखंड,मध्यान्ह भोजन के पश्चात प्राथमिक माध्यमिक छात्र-छात्राओं व शिक्षकों सहित राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर रैली निकाली गई जो ग्राम के स्कूल पारा,बजरंग चौक, महामाया चौक,ठाकुर देव मोहल्ला,सड़क पारा भ्रमण करते गीत “विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा”गाते हुए शाला प्रांगण में आकर बच्चों को मार्गदर्शन किया गया।प्रभारी प्रधानपाठक उमेश कुमार दुबे ने बताया कि रैली निकालने का उद्देश्य आज ही के दिन राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस हर वर्ष 22 जुलाई को मनाया जाता है इस दिन अर्थात 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को भारत के संविधान द्वारा अपनाया (अंगीकृत) गया था’तिरंगा’ भारत का राष्ट्रीय ध्वज है जो तीन रंगों से बना है इसलिए हम इसे तिरंगा कहते हैं तिरंगे में सबसे ऊपर गहरा केसरिया,बीच में सफेद और नीचे में गहरा हरा रंग बराबर अनुपात में है।ध्वज को साधारण भाषा में झंडा भी कहा जाता है। सन 1908 में सर भीकाजी कामा ने जर्मनी में तिरंगा झंडा लहराया और इस तिरंगे में सबसे ऊपर हरा रंग था बीच में केसरिया सबसे नीचे लाल रंग था।इस झंडे में धार्मिक एकता को दर्शाते हुए हरा रंग इस्लाम के लिए और केसरिया हिंदू और सफेद ईसाई व बौद्ध दोनों धर्म का प्रतीक था।इस ध्वज में भी देवनागरी में वंदे मातरम लिखा था और सबसे ऊपर 8 कमल बने थे इस ध्वज को भीकाजी कामा वीर सावरकर और श्याम कृष्ण वर्मा ने मिलकर तैयार किया था।यूथ एंड इको क्लब प्रभारी टीकाराम गोपालन शिक्षक पितांबर प्रसाद कश्यप ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध के समय इस ध्वज को बर्लिन कमेटी ध्वज के नाम से जाना गया क्योंकि इससे बर्लिन कमेटी में भारतीय क्रांतिकारियों द्वारा अपनाया गया था।सन 1916 में पिंगली वेंकैया ने एक ऐसे ध्वज की कल्पना की जो सभी भारतवासियों को एक सूत्र में बांध दें।उनकी इस पहल को एस बी बोमान और उमर सोमानी का साथ मिला और इन तीनों ने मिलकर नेशनल फ्लैग मिशन का गठन किया।वेंकैया ने राष्ट्रीय ध्वज के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से सलाह ली और गांधी जी ने उन्हें इस ध्वज के बीच में अशोक चक्र रखने की सलाह दी जो संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संकेत बने।इस अवसर पर प्रभारी प्रधान पाठक उमेश कुमार दुबे,एकादशीयां मांझी, पितांबर प्रसाद कश्यप,टीकाराम गोपालन,कैलाश खूंटे,कौशल यादव,अनुपमा जांगड़े,अशोक जांगड़े एवं बाल केबिनेट के पदाधिकारियों एवं सदस्य आदि उपस्थित थे।

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