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गौवंश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और जैविक खेती को बढ़ावा देना इसका मूल लक्ष्य: मनोज पांडे

(विकास खंड बम्हनीडीह में गौसेवा परीक्षा 2025 संबंधी प्रशिक्षण शिविर व बैठक संपन्न)                        

(संस्था प्रमुखों ने बढ़-चढ कर लिया हिस्सा)     

    बम्हनीडीह।विकास खंड बम्हनीडीह के लायंस स्कूल चांपा में गौसेवा परीक्षा 2025 के लिए प्रशिक्षण शिविर दिनांक 24 सितंबर 2025 एवं 25 सितंबर 2025 को आयोजन किया गया।जिसमें विकासखंड के सभी शासकीय अशासकीय पूर्व माध्यमिक,उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महाविद्यालय के संस्था प्रमुख शामिल हुए।अतिथियों का स्वागत तत्पश्चात विकासखंड बीआरसीसी बम्हनीडीह एच के बेहार,गौ सेवा परीक्षा के प्रांत सहप्रभारी मनोज पांडे, जिला परीक्षा प्रमुख रोशन केशरवानी,जिला परीक्षा सह प्रमुख विजय राठौर,विकास खंड नोडल अधिकारी डॉ उमेश कुमार दुबे(शिक्षक), परमेश्वर राठौर,गौ रक्षक ब्लॉक  प्रमुख विश्वास सराफ सहित विकासखंड के अन्य पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहे।सभी ने गौ सेवा परीक्षा2025 के महत्व और इसके शैक्षिक व सामाजिक पक्षों पर अपने-अपने विचार रखें।जिला परीक्षा प्रमुख रोशन केशरवानी सह प्रमुख विजय राठौर ने प्रशिक्षण शिविर में विस्तार से बताया कि किस प्रकार से विद्यालयों का पंजीयन गौ सेवा की वेबसाइट पर किया जाएगा। उन्होंने बच्चों के वर्गवार पंजीयन,शुल्क भुगतान की प्रक्रिया,गौ ग्रंथ की उपलब्धता तथा परीक्षा के आयोजन के रूपरेखा विद्यालय स्तर से लेकर जिला एवं प्रांत स्तर तक स्पष्ट की। साथ ही पुरस्कार वितरण की जानकारी भी साझा की।प्रांत सह प्रभारी मनोज पांडे ने कहा कि गौ सेवा परीक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना ही नहीं है बल्कि विद्यार्थियों में गौवंश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और जैविक खेती को बढ़ावा देना इसका मूल लक्ष्य है।जब बच्चे इस परीक्षा में जुड़े विषयों को पढ़ेंगे तो उनके भीतर गायों की महत्ता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी।प्रशिक्षण शिविर में सम्मिलित बीआरसीसी एच के बेहार ने कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया और विद्यालय स्तर पर बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में इस परीक्षा में जोड़ने का निर्णय लिया।गौरक्षक ब्लाक प्रमुख विश्वास सराफ ने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य गौ वंश के महत्व उसकी पारिस्थितिक भूमिका और पंचगव्य की वैज्ञानिक विशेषताओं के बारे में जन सामान्य खासकर विद्यार्थियों को शिक्षित करना है। विकास खंड नोडल अधिकारी डॉ उमेश कुमार दुबे ने कहा कि विकासखंड बम्हनीडीह में हुआ यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से हमारे जिले के लिए एक नई दिशा तय करेगा।गौ सेवा परीक्षा के माध्यम से बच्चों में आस्था,परंपरा और पर्यावरणीय जागरूकता का विकास होगा।परीक्षा का उद्देश्य के बारे में बताया कि गौवंश के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व के प्रति जन- जागरूकता बढ़ाना,भारतीय परंपराओं से विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़ना,भारतीय गाय के संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रेरित करना,ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम में गौ वंश के योगदान को समझना प्रमुख हैं।आगे उन्होंने बताया कि पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 51000,द्वितीय 31000 रुपए और तृतीय 21000 रुपए नगद।साथ ही सभी प्रतिभागियों को गौ विज्ञान ग्रंथ और प्रमाण पत्र दिया जाएगा।जिला स्तरीय परीक्षा में भी प्रथम पुरस्कार ₹3100,द्वितीय ₹2100 एवं तृतीय ₹1100 नगद दिया जाएगा।साथ ही स्थानीय स्तर स्कूल में परीक्षा में प्रथम द्वितीय तृतीय आने वाले को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर में बीआरसीसी एच के बेहार, अरुण तिवारी,बसंत चतुर्वेदी एफएस साहू,सुशील शर्मा, शरद चतुर्वेदी,गोपेश्वर कहरा सहित विकास खंड के सर्व प्राचार्य,संकुल समन्वयक,प्रधान पाठक शासकीय अशासकीय  उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन परमेश्वर राठौर (शिक्षक) ने किया।

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