कर्म क्षेत्र में युवा भक्तिकालीन हिंदी साहित्य से प्रेरणा लेकर जीवन सफल बनावे-डॉ फूलदास महंत

जांजगीर चांपा।राधाकृष्ण शिक्षण समिति एवं पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय नवागढ़ जिला जांजगीर चांपा द्वारा संचालित स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा आज अतिथि व्याख्यान “हिंदी साहित्य और भक्ति काल के कवि “विषय में रखा गया था। सरस्वती पूजन ,स्वागत के बाद संस्था के संचालक डॉक्टर विनोद अग्रवाल एवं संचालक महोदया डॉ. अन्नपूर्णा अग्रवाल ने भक्तिकालीन साहित्य में सूर साहित्य के प्रभाव को रेखांकित किया,।मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी के प्रोफेसर डॉक्टर फूलदास महंत ने साहित्य के उद्देश्य को जनोपयोगी बताया तथा भक्तिकाल में जिन कवियों ,कबीर, जायसी, सूर और तुलसी की गणना की जाती है,उनमें द्वैत,अद्वैत,विशिष्टद्वैत तथा शुद्ध अद्वैत सभी का महत्व जीव मात्र के कल्याण के लिए हुआ है,भारत में जिस समय भक्तिकाल का अभ्युदय हुआ उस समय मुस्लिम संप्रदाय आगे बढ़ रहे थे,अशिक्षित जनता भक्ति के माध्यम से जीवन में शांति की तलाश में थे,उसी समय जैन,बौद्ध,ईसाई और इधर निर्गुण,सगुण, राम मार्गी,कृष्ण मार्गी भक्ति गुरुओं,कवियों के द्वारा जोरों पर था,समाज कल्याण,संस्कृति की रक्षा,सत असत का ज्ञान कराया जा रहा था,।आज भी युवा छात्र छात्राओं को भक्तिकालीन साहित्य से प्रेरणा लेकर कर्म क्षेत्र को सफल बनाना चाहिए क्योंकि आज मल्टीमीडिया और तनाव ग्रस्त जीवन में हम देख रहे हैं कि युवा वर्ग भी दिशाविहीन होकर सही निर्णय लेने में देरी कर रहा है ,ऐसे में कर्म क्षेत्र को सफल बनाने में भक्ति से शक्ति और विवेक दोनों सही मार्ग की ओर विद्यार्थियों को प्रशस्थ करेंगे।
कार्यक्रम संचालन रजनी साहू ने,स्वागत श्रीमती लक्ष्मीन अगम मानिकपुरी किया,स्वागत यशोदा विभागाध्यक्ष हिंदी ने तथा कार्यक्रम आभार कमल सर ने किया।इस अवसर पर महाविद्यालय स्टॉफ,स्टूडेंट्स से सभागार खचाखच भरा था।
संपूर्ण कार्यक्रम संयोजन हिन्दी विषय की सहायक प्राध्यापक श्री मती लक्ष्मीन बाई मानिकपुरी एवं सुश्री यशोदा शांते के द्वारा हुआ।




