Uncategorized

राम कीन्ह चाहहि सोई होई -राजेश्री महन्त जी

आप खोखरा गांव से चल कर राजधानी में भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं यह गौरव का विषय है

महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर  दास जी महाराज खो खो तालाब ,आदर्श नगर, कुशालपुर, रायपुर में तंबोली परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए। उन्होंने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की आचार्य पवन चतुर्वेदी जी महाराज ने भी शाल श्रीफल भेंट करके महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वागत के पश्चात राजेश्री महन्त जी महाराज ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि – इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए दो दिन पहले आया था किंतु स्थान का सही पता नहीं मिल पाने के कारण पुन: वापस जाना पड़ा। कुशालपुर श्री दूधाधारी मठ से बहुत अधिक दूरी पर नहीं है किंतु भगवान राघवेंद्र सरकार जो चाहते हैं वही होता है। उनकी इच्छा के बिना कोई भी कार्य संपन्न हो नहीं सकता! शायद हमें यहां आज ही पहुंचना था इसलिए आप लोगों के बीच में उपस्थित हुए हैं। श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है कि – राम कीन्ह चाहहि सोई होई। करे अन्यथा अस नहीं कोई।। उन्होंने कहा कि आचार्य चतुर्वेदी जी महाराज जांजगीर चांपा जिले के ग्राम खोखरा से चलकर राजधानी में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा सुना रहे हैं, यह गौरव का विषय है ।ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सनातन धर्म का प्रचार प्रसार देश के कोने-कोने में जाकर इसी तरह करते रहें। इस अवसर पर आचार्य जी ने  स्वागतम श्री रामसुन्दर, स्वागतम है आपका मधुरतम गीत प्रस्तुत कर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया और कहा कि संत महात्माओं के आशीर्वाद से बढ़कर इस संसार में कुछ भी नहीं है। आपके आगमन से हम सभी धन्य हुए। कार्यक्रम में विजय श्रीमती सुभद्रा तंबोली, दिनेश श्रीमती उषा तंबोली, बबलू श्रीमती सरोजिनी तंबोली, प्रकाश श्रीमती उषा महोबिया, निशा, चेतना, डाली, संपूर्णा, मानस, आराध्य सहित तंबोली परिवार के सभी सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे प्रेस को जानकारी मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने प्रदान की।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button