परीक्षा में सफलता का आधार- ब्लूप्रिंट

जांजगीर/परीक्षा न केवल हमारे ज्ञान का मूल्यांकन करती है, बल्कि हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार भी करती है। परीक्षा को लेकर कुछ बच्चे तनाव में आ जाते हैं ।उन्हें असफलता का भय सताने लगता है। माता-पिता की अपेक्षाएं और अन्य विद्यार्थियों से तुलना विद्यार्थियों को मानसिक दबाव में डाल देती है। लेकिन सही रणनीति से परीक्षा की तैयारी की जाए तो इन चुनौतियों को आसानी से पार किया जा सकता है। इसके लिए ब्लूप्रिंट के आधार पर अपने विषय वस्तु की तैयारी करनी चाहिए। ब्लूप्रिंट प्रश्न पत्र का आईना होता है जिसमें प्रश्न पत्रों में आवंटित अंको,प्रश्नों के प्रकारों, कठिनाई के स्तर तथा ज्ञान, अवबोध अनुप्रयोग एवं कौशल से कितने- कितने अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे, इन सभी बातों को स्पष्ट रूप से इसमें देखा जा सकता है ।परीक्षा का पैटर्न विद्यार्थियों को पहले से स्पष्ट हो जाता है जिससे उनके समय और श्रम की बचत होती है ।रिवीजन करना आसान और प्रभावी हो जाता है। इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसके साथ ही पिछले 5 वर्षों एवं बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों की तैयारी, नियमित रूप से अध्ययन, समय प्रबंधन और नोट्स बनाकर पढ़ने की आदत परीक्षा में सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र है ।परीक्षा के दिनों में मोबाइल फोन ,सोशल मीडिया, टी वी और विचलित करने वाली चीजों से दूर रहना चाहिए। 7- 8 घंटे की नींद के साथ अपने स्वास्थ्य पर ध्यान और सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।




