जन्माष्टमी की मंगल शुभकामनाएँ

बीआरसीसी एच के बेहार बम्हनीडीह ने देशवासियों को जन्माष्टमी की मंगल शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जैसा व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार प्रकट हो पाता है।इस माँ भारती की कोख से यूँ तो अनेक महापुरुषों का अवतरण हुआ लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसा विराट व्यक्तित्व कोई अन्य नहीं हुआ है।बंधन में पैदा हुए पर बंधनों को स्वीकार नहीं किया और मुक्त होकर जिये।जीवन जैसा था वैसा ही स्वीकार किया,किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं और कोई अस्वीकारोक्ति भी नहीं।जैसी भी परिस्थिति हो,मुस्कुराने और पूरे मनोयोग से उसका सामना करने की सीख श्रीकृष्ण के जीवन ने हम सबको प्रदान की।
लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रज्ञा पुरुष, ज्ञानवान,गायक,संगीतज्ञ, योद्धा,योगी,राजा, मित्र,प्रेमी, पुत्र कोई दूसरा नहीं हो पाया।जब तक गोकुल-वृंदावन में रहे ग्वाल बाल बनकर रहे,आनंद व प्रसन्नता के साथ जिये और जब द्वारिकाधीश बनकर द्वारिका की सत्ता पर विराजमान हुए तो उसी आनंद-प्रसन्नता और सहजता के साथ जिये।विषाद से प्रसाद तक की यात्रा का संदेश भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सबको प्रदान करता है।जन्माष्टमी का पावन पर्व आपके लिए शुभ एवं मंगलमय हो जय श्री राधे कृष्णा




