जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया सरल करने की मांग

जांजगीर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, संयुक्त शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल द्वारा कलेक्टर जांजगीर चाम्पा के नाम पर ज्ञापन सौप कर जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु प्रक्रियात्मक सरलीकरण करने का मांग किया है।
विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु स्कूलों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्राचार्यो को दिए गए केम्प आईडी के माध्यम से अपलोड किया जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन है, जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु विद्यार्थियों / पालकों के हित मे प्रक्रियात्मक सरलीकरण करने के सम्बंध में विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिया गया है पालक, मिसल / दाखिल खारिज उपलब्ध नही करा पा रहे है, इस पर सुझाव है कि ग्राम सभा का प्रस्ताव कराया जावे, आवेदकों द्वारा प्रस्तुत प्रारूप एक ,दो व तीन के आधार पर ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव जिसमें अनेक आवेदकों (पालकों) का नाम भी शामिल होने पर भी उसे अपलोड करने पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे। जिन पालकों द्वारा मिसल उपलब्ध भी कराया जा रहा है वह पांचवें / छठवें पीढ़ी होने के कारण लिंक (कड़ी) मिलान नही हो पा रहा है, इस पर सुझाव है कि यैसे पालकों के जनगणना सूची एवं बी – 1, खसरा जिसमें नाम शामिल हो, राजस्व / पंचायत विभाग द्वारा सम्बंधित स्कूलों / नोडल प्राचार्यो को उपलब्ध कराया जावे। ओरिजनल दस्तावेज की बाध्यता समाप्त किया जावे, इस पर सुझाव है कि राजस्व विभाग सम्बन्धी दस्तावेज जैसे मिशल, पर्ची, आदि में फोटोकॉपी में पटवारी को हस्ताक्षर करने हेतु निर्देश दिया जावे।तथा पटवारी को सप्ताह में एक दिन तय कर विद्यालय में बैठकर आवश्यक दस्तावेजों में हस्ताक्षर करने तथा राशन कार्ड, आधार कार्ड, अंकसूची की छायाप्रति पालक द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जिसे संस्था प्रमुख प्रमाणित करते है उसे भी लोकसेवा केंद्र द्वारा ओरिजिनल कापी अपलोड करने का उल्लेख करते हुए वापस कर दिया जा रहा है, सत्यापित छायाप्रति को मान्य कर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे। नोट्रीयल की बाध्यता समाप्त किया जावे, इस पर सुझाव है कि चाचा, चाचा के लड़के / लड़की के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे, नोट्रीयल कराने की बाध्यता समाप्त किया जावे।
लिंक मिलान इस पर सुझाव है कि आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति के आधार पर लिंक मिलान होने पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे तथा वंशावली व वंशावली के समर्थन में पंचनामा जिसमें सरपंच, पटवारी व पांच ग्रामीणों के हस्ताक्षर को लिंक मिलान के लिए मान्य किया जावे । आवेदन वापस के सम्बंध में सुझाव है कि वापसी आवेदन का निराकरण संकुल स्तरीय केम्प लगाकर किया जावे। पालकों से आवेदन प्राप्त न होना इस पर सुझाव है कि जो पालक आवेदन नही दे रहे, उन्हें लक्ष्य से हटाया जावे। अस्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी होने के बाद सेंड बैक के सम्बंध में सुझाव है कि अस्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी होने के बाद सेंड बैक न किया जावे, उसका स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे। जाति प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेज अपलोड होने के बाद 3दिवस के भीतर बनाया जावे,वर्तमान में 10दिनों बाद भी चेक करने पर प्रक्रिया शुरुवात दिखाता है। प्रतिनिधि मंडल द्वारा सभी सुझावों पर निराकरण की मांग की गई है। ज्ञापन सौपने वाले प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला, टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, संयुक्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास सिंह, टीचर्स एसोसिएशन के जिला सचिव बोधीराम साहू, विजय प्रधान, आशीष सिंह, शिव पटेल, शालेय शिक्षक संघ से संजय दुबे, संतोष तिवारी ,अरुण शर्मा, रुद्र मणि तिवारी, संजय राठौर, धनंजय शुक्ला ,केशव साहू, विश्कान्त शर्मा, संयुक्त शिक्षक संघ से शरद राठौर, सुखचैन दास, पूनित मधुकर, शामिल थे।




