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तुलसीदास जी के आदर्श और सिद्धांत आज के विकृत सामाजिक वातावरण में अत्यंत प्रेरणादायक हैं-पं. दिनेश दुबे

निराला साहित्य मंडल ने मनाई महाकवि तुलसीदास जी की जयंती
साहित्य सेवा के क्षेत्र में 1961 से अनवरत संचालित अग्रणी एवं प्राचीनतम साहित्य संस्थान निराला साहित्य मंडल, चांपा द्वारा धीरेंद्र वाजपेयी डी.बी. वेंचर्स के सदर बाजार स्थित नवनिर्मित भवन में तुलसी जयंती के अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंचल के प्रकांड विद्वान भागवत भूषण पं. दिनेश दुबे जी एवं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. घनश्याम दुबे जी मंचासीन थे। वक्ता के रूप में मंडल के मुख्य संरक्षक पं. हरिहर प्रसाद तिवारी, नागेंद्र गुप्ता, श्रीमती चेष्टा शुक्ला उपस्थित थे।
महाकवि तुलसीदास जयंती के अवसर पर मंडल एवं नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल एवं कार्यकारी अध्यक्ष पं. धीरेंद्र वाजपेयी मंचासीन थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि, मुख्य संरक्षक, अध्यक्ष महोदय, कार्यकारी अध्यक्ष एवं मंडल के सभी सदस्यों द्वारा मां सरस्वती, गोस्वामी तुलसीदास, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, स्वर्गीय मोहनलाल वाजपेयी जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पूजन-वंदन किया गया। इसके उपरांत प्रधान सचिव डॉ. रविन्द्र द्विवेदी ने समवेत स्वर में सरस्वती वंदना कराई।
अपने संचालन उद्बोधन में रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि महाकवि तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना कर विश्व में अद्भुत एवं अद्वितीय कवि के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त की।
कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि डॉ. घनश्याम दुबे ने कहा कि महाकवि तुलसीदास जी का वाङ्मय अत्यंत विशाल है। सत्य, शील, सौंदर्य, नीति, व्यवहार, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य के हितकारी तत्व उनकी रचनाओं में समाहित हैं।
पं. हरिहर प्रसाद तिवारी ने कहा कि महाकवि तुलसीदास ने कुसंग और सत्संग को विभिन्न घटनाओं के माध्यम से उजागर किया है। उन्होंने कुसंग को विनाश का कारण सिद्ध किया है।
मुख्य अतिथि पं. दिनेश दुबे ने कहा कि घोर अव्यवस्था, अशांति एवं निराशा के वातावरण में तुलसीदास जी के आदर्श और सिद्धांत ही उन्हें महान और जनपूज्य बनाते हैं।
इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल ने तुलसीदास जी के जीवन-चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका बाल्यकाल अत्यंत कष्टप्रद रहा। पत्नी की प्रेरणा से वे गोस्वामी तुलसीदास बनकर रामचरितमानस जैसे ग्रंथ की रचना कर सके। तुलसीदास जी की भक्ति एवं आदर्शों की व्याख्या करना अत्यंत कठिन कार्य है।
इसके पश्चात मंडल के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष पं. रामगोपाल गौराहा एवं मीडिया प्रमुख शशिभूषण सोनी ने तुलसीदास जी के जीवन-चरित्र एवं साहित्यिक अवदान पर रोचक एवं सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर नंदा बुक डिपो के संचालक नागेंद्र गुप्ता द्वारा प्रदत्त हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का वितरण सभी उपस्थितों के बीच किया गया।
कार्यक्रम का काव्यमय संचालन मंडल के प्रधान सचिव डॉ. रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन डी.बी. वेंचर्स के संचालक एवं मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष पं. धीरेंद्र वाजपेयी ने किया।
स्वल्पाहार के आमंत्रण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजित महाकवि तुलसीदास जयंती कार्यक्रम के अवसर पर निराला साहित्य मंडल की प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यगण पं.रामकिशोर शुक्ला,पं. शैलेष शर्मा (ब्यूरो चीफ, हरिभूमि), पं. विनोद तिवारी, योगेन्द्रधर दीवान, श्रीमती मंजू गौरहा दुबे, श्रीमती चेष्टा शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, परिमल बाजपेयी सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।

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