अनुशासन ही सफलता का मूल मंत्र है-परम पूज्य प्रभु आनंद मुरारी जी

नवागढ़/पं.जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय एवं राधाकृष्ण शिक्षा समिति के संयुक्त तत्वाधान में परम पूज्य आनंद मुरारी प्रभु जी के पावन सान्निध्य में “तनाव प्रबंधन एवं कैरियर काउंसलिंग” विषय पर प्रेरक प्रवचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री परम पूज्य आनंद मूर्ति जी, महाविद्यालय के संचालक श्री विनोद अग्रवाल (जे एल एन कॉलेज), संचालिका डॉ अन्नपूर्णा अग्रवाल (आर के एस एस), प्राचार्य डॉ राजेश शर्मा (जे एल एन कॉलेज), प्राचार्य डॉ रित्विक तिवारी (आर के एस एस) के द्वारा मां सरस्वती जी के तैलचित्र पर पुष्प व श्रीफल अर्पित कर किया गया।
प्रभु जी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को जीवन में तनावमुक्त रहने के उपाय बताए तथा कहा कि सफलता केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मसंतोष से मिलती है। उन्होंने कैरियर चयन में रुचि और क्षमता के अनुरूप निर्णय लेने की सलाह दी।
प्रभु जी ने यह भी कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए आध्यात्मिकता की ओर बढ़ना अति आवश्यक है। नियमित साधना, नैतिक मूल्यों का पालन तथा ईश्वर में आस्था ही वास्तविक सफलता का आधार हैं। उनके प्रवचन ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मअनुशासन और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा दी।
अंत में उप प्राचार्य सुश्री नेहा मिश्रा (जे एल एन कॉलेज) ने प्रभु जी का आभार प्रकट किया और विद्यार्थियों को इस पवित्र संदेश को जीवन में उतारने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकगण सुश्री मालती बंजारे, सुश्री यशोदा शांते, सुश्री बबीता मधुकर, श्री प्रज्ञानंद कश्यप, श्रीमती लक्ष्मी, सुश्री कविता, श्री अनुभव साहू, श्री सतीश दास महंत, श्री अखेंद्र जांगड़े, श्री आलोक चंद्रा, श्री दीपक चंद्रा, श्री जोहित कश्यप, श्री शिवरात्रि साहू, श्री आरथो , श्री कमल प्रसाद , श्री सुदर्शन साहू, श्री विकास विश्वकर्मा एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राओं बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को सफल बनाया।




