रासेयो शिविर तिलई में कवियों ने बांधा शमांश्रृंगार, ओज के साथ रसमय काव्य का हुआ पाठ

जांजगीर।शासकीय इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तिलई में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के छठवें दिन बौद्धिक सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम सभी कवियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत विद्यार्थियों ने किया । कवि सम्मेलन का रसमय संचालन व्यंग कार बोधीराम साहू ने किया। सर्वप्रथम कवयित्री श्रीमती तिलोत्तमा पांडेय ने सरस्वती वंदना का सरस गायन कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। रासेयो छात्रों को मोटिवेशनल स्पीच देते हुए हेमंत यादव ने कहा आपका उम्र आपके व्यक्तित्व निर्माण की है,अपना पहचान बनाने की है। बाराद्वार सक्ति से पहुंचे कवि कौशल दास महंत ने बीते पल की याद किये बिन कब सुख पाओगे।सुखद जन्म की बेला को कैसे महकाओगे।खोखरा के कवि अनुभव तिवारी ने सुमधुर गीत कुछ यूं गाया ,जो शापित है जमाने में उन्हें वरदान बन जाए,बहे जो आंख से आंसू तो मुस्कान बन जाए। संचालन कर रहे बोधीराम साहू अपना चिट्ठा कुछ यूं खोला,
आजकल के बच्चों में देखो कैसा अजीब नशा छाया है । हर किसी को बस कोचिंग करना ही जबरदस्त भाया है। कवि ललित उपाध्याय ने बहुत याद आता है वो गुजरा जमाना,वो बच्चो की लोरी बहुत याद आता है।.प्रस्तुत कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। डा.सुश्री लक्ष्मी करियारे ने मधुर आवाज में गीत कुछ यूं पिरोया कि पीकर गरल प्रदूषण का सांसे अमृत देती है ममता मयि है मां के जैसी शिशु कहा हमको सेती है। इनकी प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी। कवयित्री तिलोत्तमा ने बेटियो पर कविता प्रस्तुत करते हुए ये पंक्ति कही,मां बाप के जीवन की अरमान बेटियां ।पूरे घर को अपने प्यार से महकती है बेटियां,आन बान और वतन की शान है बेटियां। गांव के शिक्षक जीवन लाल यादव ने छत्तीसगढ़ी में कवियों को समर्पित कविता कहां ले आईन सब कवि मन सुनाया खोखरा,जांजगीर,बाराद्वार आऊ कोरबा के कवि बहुतेच रिझाईंन की। प्रस्तुति पर खूब तालियां मिली। तत्पश्चात रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सुनील साहू द्वारा मंचस्थ सभी कवियों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं सब के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में सहायक कार्यक्रम अधिकारी शिवेंद्र गौतम , ओम प्रकाश कैवर्त्य, दीपक धीरेंद्र, मुकेश, हिमांशु, अरुण, अकरम, शिवेश, नैना साहू, दिव्या के साथ ही शिविर के 47 प्रतिभागी एवम ग्रामवासी उपस्थित रहे।सभी श्रोताओं ने कविता का खूब आनंद लिया।




