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मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री के नाम डीईओ को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर।टेट की अनिवार्यता पर पुनर्विचार याचिका दायर करने, प्रथम नियुक्ति से पेंशन, 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन, क्रमोन्नति का जनरल आर्डर जारी करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसियेशन द्वारा मुख्यमंत्री , शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव व संचालक के नाम डीईओ अशोक सिन्हा  को ज्ञापन सौंपा गया।प्रतिनिधि मंडल में  प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी,जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह,जिला सचिव डॉ.बोधीराम साहू,जिला संयोजक विजय प्रधान,जिला पर्यवेक्षक रितेश गोयल, जिला  महासचिव टेकराम कुर्रे,ब्लॉक अध्यक्ष बम्हनीडीह उमेश तेम्बुलकर,पामगढ़ अध्यक्ष रामकुमार चौहान,
सुभाष शर्मा जिला प्रवक्ता, शिव पटेल आई टी सेल प्रभारी, विनोद राठौर सोशल मीडिया प्रभारी,मनीष शर्मा प्रचार सचिव,मनोज पटेल,संजय यादव सहित पदाधिकारियों ने सौंपा।इस दौरान शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला भी उपस्थित रहे।सौंपे गए ज्ञापन में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितम्बर 2025 को पारित निर्णय जिसमें 5 वर्ष अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य नहीं था, अतः माननीय सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर कर 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक पहल किया जावे।
पेंशन निर्धारण हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से करने के कारण 2028 के पूर्व सेवानिवृत होने वाले एल बी संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, अतः पूर्व सेवा (प्रथम नियुक्ति) अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए पुरानी पेंशन निर्धारित किया जावे।भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 16 सितंबर 2009 को तथा उत्तराखंड सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को आदेश जारी कर 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया गया है, सेवानिवृत होने पर छत्तीसगढ़ में 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का नियम है, अतः निवेदन है कि भारत सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार के समान 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन (अंतिम वेतन का 50%) का प्रावधान किया जावे। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षको के लिए क्रमोन्नति/समयमान का जनरल आर्डर जारी किया जावे।

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