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कुथुर मे”आओ करके सीखें कार्यक्रम”सम्पन्न

आओ करके सीखें कार्यक्रम के अंतर्गत आज शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुथुर में स्वप्रेरित विज्ञान शिक्षकों का बैठक आयोजित किया गया था। जिसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण तथा मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक मुख्यालय से आदरणीय ऋषिकांता राठोर मैम, विकासखंड स्रोत समन्वयक नवागढ़, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से मारिया मैम, देवल सर एवं संकुल समन्वयक श्री देवेंद्र साहू सर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विदित है कि आदरणीय ऋषिकांता राठोर मैम के मार्गदर्शन में विज्ञान शिक्षण को सरल, सहज एवं रूचिकर बनाने तथा शासन द्वारा प्रदत्त विज्ञान किट का शत प्रतिशत उपयोग कर प्रयोगशाला निर्माण के उद्देश्यों को लेकर लगातार अलग – अलग विद्यालयों में बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक ऐसे विद्यालय में आयोजित किया जाता है; जिन विद्यालयों में विज्ञान के क्षेत्र में कोई विशेष कार्य किया गया हो। जिसे देखकर अन्य शिक्षक भी अनुसरण कर सके। तथा अपने विद्यालय में इसी तरह से विज्ञान शिक्षण एवं प्रयोगशाला का सुचारू रूप से संचालन कर सके।

कार्यक्रम के शुरुआत में सर्वप्रथम सभी शिक्षकों एवं मुख्य अतिथियों द्वारा विद्यालय में स्थापित साइंस सेंटर सह विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। तत्पश्चात सभी ने बच्चों द्वारा लगाए गए विज्ञान प्रदर्शनीय का अवलोकन कर बच्चों से सवाल – जवाब किये। बच्चों द्वारा निर्मित साइन्स सेंटर सह प्रयोगशाला एवं बच्चों के प्रस्तुतिकरण का सभी आगंतुकों ने जमकर तारीफ किया एवं अपने- अपने विद्यालय में भी ऐसे सेंटर बनाने की उत्सुकता जाहिरे किये। बच्चों की प्रस्तुतिकरण से खुश होकर आदरणीय राठोर मैम ने पुरूस्कार स्वरूप 1000 रुपये नगद प्रदान कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

विद्यालय के नवाचारी विज्ञान शिक्षक श्री भूपेंद्र जांगड़े ने अपने प्रस्तुतिकरण में प्रयोगशाला निर्माण की प्रक्रिया तथा आने वाली चुनौतियों एवं उसके समाधान पर विस्तृत चर्चा किया। उन्होंने बताया कि आज वर्तमान परिपेक्ष्य में विज्ञान शिक्षण को अन्य विषयों की ही तरह लैक्चर विधि से ही पढ़ाया जाता है। करके सीखने, प्रायोगिक तथ्यों, वर्तमान नवाचारी शिक्षण विधियों का हमारे कक्षा शिक्षण में पूर्णतः अभाव होता है । परिणामस्वरूप विज्ञान शिक्षण बच्चों को नीरस, कठिन, अरुचिकर एवं बोझिल लगने लगता है। जिससे 10वी के बाद ज्यादातर बच्चे विज्ञान विषय को मुख्य विषय के रूप चयन नही करते। अतः विज्ञान शिक्षण को सरल-सहज एवं रुचिकर बनाने तथा बच्चों में विज्ञान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करने के लिए ही हमने विद्यालय में इस साइन्स सेंटर का निर्माण किया है । जो कि संभवतः नवागढ़ विकासखंड ही नही अपितु जांजगीर जिले का पहला साइंस सेंटर सह विज्ञान प्रयोगशाला है जिसे बच्चो द्वारा बनाया गया है तथा उनके ही द्वारा इसका रख राखव एवं संचालन किया जाता है। इस प्रयोगशाला में लगभग 25-30 बच्चे एक साथ बैठकर प्रायोगिक कार्य कर सकते है। यंहा 100 से भी अधिक मॉडल स्थापित किया गया है। जो बच्चों को विज्ञान के जटिल अवधारणाओं को बहुत ही सरल ढंग से समझने में मदद करता है। इस प्रयोगशाला के सभी दीवारों पर बच्चों द्वारा निर्मित चार्ट, पेपर एवं पोस्टर चस्पित किये गए है। जो विज्ञान शिक्षण को रुचिकर बना देता है। यंहा बच्चे बैगलेस डे के अवसर पर विज्ञापन प्रदर्शनीय का आयोजन कर प्रस्तुतिकरण भी देते है जो बच्चों में वाक कौशल का विकास करता है एवं बच्चों की झिझक दूर करती है। इन सभी गतिविधियों से बच्चों एवं शिक्षकों का सोच बदला है एवं उनमे विज्ञान एवं पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास हुआ है। आज विद्यालय का वातावरण ही विज्ञानमय होने लगा है। अपने उद्बोधन में आदरणीय राठोर मैम ने सभी बच्चों एवं प्रतिभागियों के उत्साह वर्धन किये एवं समस्त विद्यालय में शासन द्वारा प्रदत्त विज्ञान किट का उपयोग कर विज्ञान शिक्षण को सरल, सहज एवं आनंदपूर्ण बनाने का निर्देश दिए। मंच का संचालन श्री मुकेश राठोर एवं मारिया मैम के द्वारा किया गया। अंत में श्रीमती त्रिवेणी राठोर प्रधानपाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुथुर ने आभार व्यक्त किया एवं सभी आगुंतकों को धन्यवाद ज्ञापित किये। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षिका श्रीमती रामकुमारी खूंटे का विशेष योगदान रहा।

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