स्वच्छ पर्यावरण हमारे स्वास्थ्य के लिए जीवन दायिनी है :खुशबू कर्ष

बिर्रा -विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 26 सितंबर को मनाया जाता है।इस दिन मनाने का उद्देश्य पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के बीच घनिष्ठ संबंध के बारे में जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए बढ़ावा देना है यह दिवस जल और वायु प्रदूषण,खाद्य सुरक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया (बम्हनीडीह)में विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता रैली,गतिविधियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता रैली निकालकर जन समुदायों को पर्यावरण की रक्षा के लिए,मानव कल्याण के लिए,इसके प्रभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए,मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए स्वास्थ्य,जल,वायु और वातावरण बनाए रखने के लिए तथा बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए प्रेरित किया गया।साथ ही बच्चों के लिए विद्यालय में निबंध,चित्र प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
प्रभारी प्रधान पाठक डॉक्टर उमेश कुमार दुबे ने पर्यावरण स्वच्छता के उद्देश्य के बारे में बताया कि मनुष्य के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सुरक्षित पेयजल,स्वच्छ शौचालय एवं और बेहतर वायु गुणवत्ता के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते है।स्वच्छ वातावरण से डायरिया,मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कम होता है जो अपशिष्ट पदार्थ जैसे मानव मल,ठोस अपशिष्ट और अन्य कचरा के उचित निपटान के तरीके विकसित करना ताकि पर्यावरण दूषित ना हो। जलवायु और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को प्रदूषण से बचाकर उसकी रक्षा करना ताकि वह भविष्य में भी उपलब्ध रह सके।सभी के लिए एक ऐसा वातावरण बनाना जो साफ सुथरा,सुरक्षित रहने के लिए सुखद हो।साथ ही जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण के नकारात्मक प्रभाव को कम करना,पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के बीच संतुलित स्थापित करना ताकि सतत विकास हो सके और आने वाली पीढियां के लिए भी एक स्वच्छ वातावरण उपलब्ध रहे।
शिक्षक कैलाश खूंटे ने विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ लगाओ,पृथ्वी के लिए आशा का बीज बोओ”।”आज को बचाओ, कल बचोगे”।”हमारे भविष्य को बर्बाद मत करो,हमारी पृथ्वी को बचाओ”।नारे लगाते हुए कहा कि हमें प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि हमारा जीवन प्रकृति पर ही निर्भर करता है।
यूथ एवं इको क्लब के सदस्य प्रधानमंत्री खुशबू कर्ष ने विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर कहा कि कहा कि स्वच्छ पर्यावरण हमारे लिए सब कुछ है क्योंकि हमें शुद्ध हवा प्राप्त होती है जिससे हम सांस लेते हैं वह पानी जो हम पीते हैं पेड़,जानवर और यहां तक कि हमारे पैरों के नीचे जो मिट्टी है वह भी प्रकृति से ही पर्यावरण शुद्धता पर निर्भर करती है।आगे उन्होंने सभी को आह्वान करते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता और प्रकृति को बचाने के लिए पेड़ लगाने पर विशेष ध्यान दें।ताकि हमारा जीवन स्वस्थ व सुरक्षित रह सके। शाला प्रबंधन विकास समिति के अध्यक्ष राजू साहू ने कहा कि पर्यावरण शिक्षा एक सीखने की प्रक्रिया है जो लोगों को पर्यावरण और उससे जुड़ी चुनौतियों को समझने में मदद करती है जिससे उनमें पर्यावरणी समस्याओं के प्रति जागरूकता,ज्ञान और कौशल विकसित होते हैं।इस शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को पर्यावरण के संरक्षण,सुधार और टिकाऊ भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने और जिम्मेदार कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना है।




