शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुटरा में नवाचारी शिक्षा की नई मशाल: मकरम कमलाकर और महावीर विजर्सन का अद्भुत संगम

कुटरा/छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुटरा इन दिनों अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनूठे प्रयोगों के कारण समूचे जिले के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। विद्यालय के दो समर्पित शिक्षक, मकरम कमलाकर और महावीर विजर्सन, ने अपनी कार्यकुशलता से यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के आड़े नहीं आती। इन दोनों शिक्षकों ने रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान (Physics) जैसे कठिन विषयों को छात्रों के लिए रोमांचक बना दिया है।
प्रश्न मंच और जीवंत प्रतियोगिताएं
इन शिक्षकों की शिक्षण शैली की एक और विशिष्ट कड़ी ‘प्रश्न मंच’ का नियमित आयोजन है। मकरम सर और महावीर सर केवल पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि निरंतर ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों को जीवंत रूप में बच्चों के सामने प्रस्तुत करते हैं। इन प्रश्न मंचों में छात्र न केवल उत्तर देते हैं, बल्कि उन उत्तरों के पीछे छिपे ‘क्यों’ और ‘कैसे’ के वैज्ञानिक कारणों को प्रयोगात्मक रूप से सिद्ध करते हैं। इस स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से बच्चों में विषय की गहरी समझ विकसित हो रही है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
सहयोगी शिक्षकों का मत
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अवधेश शर्मा जी ने इस सराहनीय पहल पर अपना मत व्यक्त करते हुए कहा:
“मकरम और महावीर जी का समर्पण अद्भुत है। प्रश्न मंच और प्रतियोगिताओं के जरिए उन्होंने विद्यालय के पूरे शैक्षणिक वातावरण को ऊर्जावान बना दिया है। इन नवाचारों से बच्चों में रटने की प्रवृत्ति खत्म हुई है और वे अब वैज्ञानिक तर्कों के साथ बात करते हैं। यह कुटरा विद्यालय के लिए गौरव का विषय है।”
शिवानी जाहिरे एवं अन्य छात्रों का अनुभव
विद्यालय की मेधावी छात्रा शिवानी जाहिरे ने बताया:
“मकरम सर और महावीर विजर्सन सर की कक्षाओं का हमें बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रश्न मंच में हिस्सा लेने से हमारे कठिन से कठिन डाउट दूर हो जाते हैं। उनके मार्गदर्शन ने विज्ञान के प्रति हमारा डर खत्म कर दिया है।”
प्रशासनिक सराहना और गौरव
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि इन शिक्षकों के प्रयासों से कुटरा विद्यालय के बच्चे अब जिला और संभाग स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनियों में निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यह रिपोर्ट उन शिक्षकों के सम्मान का दस्तावेज है जो सीमित संसाधनों में भी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।




